🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🙏🇮🇳 *卐सत्यराम सा卐* 🇮🇳🙏
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*समर्थ सिरजनहार है, जे कुछ करै सो होइ ।*
*दादू सेवक राख ले, काल न लागै कोइ ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ बिनती का अंग)*
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*सौजन्य ~ #भक्तमाल*, *रचनाकार ~ स्वामी राघवदास जी,*
*टीका ~ संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान*
*साभार ~ श्री दादू दयालु महासभा*, *साभार विद्युत संस्करण ~ रमा लाठ*
*मार्गदर्शक ~ @Mahamandleshwar Purushotam Swami*
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*वामन रूप छले बलिराज सु,*
*इन्द्रहि राज दियो इकतारा१ ।*
*मात पिता दुःख दायक जो,*
*प्रसराम२ खत्री न रख्यो जग सारा ॥*
*राम भये दशरत्थ तणै३ वर,*
*रावण कुंभकरन्न विडारा ।*
*कृष्ण जरासुव४ कंस हने मुर,*
*शाल्व मारि भगत्त उधारा ॥११॥*
५. वामन अवतार लेकर बलि को छला और इन्द्र को एक रस१ राज्य दिया । ६. परशुराम२ अवतार लेकर अपनी माता रेणुका और पिता जमदग्नि को दुःख देने वाले क्षत्रियों को सारे जगत में कहीं भी सुख से नहीं रहने दिया और युद्ध में आये उन सब को तो मार ही दिया ।
७. पूर्व जन्म में दशरथ को वर देने के कारण राम अवतार लेकर दशरथ राजा के३ पुत्र बने और रावण कुंभकर्ण आदि को मारा ।
८. कृष्ण अवतार लेकर अपनी युक्ति से जरासंध४ को भीम से मरवाया, कंस, मुर आदि बहुत से दैत्यों को मारा तथा शाल्व को मारकर भक्तों की रक्षा की ।
(क्रमशः)

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