रविवार, 6 सितंबर 2020

= ९७ =

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
*गुरु पहली मन सौं कहै, पीछे नैन की सैन ।*
*दादू सिष समझै नहीं, कहि समझावै बैन ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ गुरुदेव का अंग)*
=================
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
.
*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *गुरु*
########################
एक शिष्य ने अपने गुरु से प्रश्न किया कि - ब्रह्म का स्वरूप बतलावें ?
.
तब गुरुजी सिद्धासन लगा निश्चय होकर चुपचाप बैठ गये ।
.
शिष्य ने थोड़ी देर बाद पुन: उपर्युक्त प्रश्न किया ।
.
गुरु बोले - "ब्रह्म का स्वरूप तो हमने बतला दिया । जैसे मैं चुपचाप शरीर को सम करके बैठा था वैसे ही निश्चल समस्वरूप ब्रह्म है ।"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें