🌷🙏 卐 सत्यराम सा 卐 🙏🌷
🌷 #०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु 🌷
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*छाजन भोजन परमार्थी, आतम देव आधार ।*
*साधु सेवक राम के, दादू पर उपकार ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ साधु का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *मानव मति*
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एक समय एक साधक ने संत दादूजी से प्रश्न किया कि "ऐसा कौन सा साधन है जिससे सर्वसाधारण मनुष्य देह को सफल बना सकें ?"
दादू "हरि भज साफल जीवना, पर उपकार समाय ।
दादू मरणा तहँ भला, जहँ पशु पक्षी खाय ॥"
हरि भजन और परोपकार रूप साधन प्रत्येक मानव कर सकता है । जिनके पास धनादि न हो वे अपने शरीर से तथा वाणी से परोपकार कर सकते हैं । संतों ने अपने शव को भी पशु पक्षीयों को खिला देने तक का आदेश दिया है, यहाँ तक परोपकार किया जा सकता है ।
ईस भजन उपकार से, सफल होत नर देह ।
इक साधक को दादू ने, कहा यही सस्नेह ॥९९॥

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