🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🦚 *#श्रीसंतगुणसागरामृत०३* 🦚
https://www.facebook.com/DADUVANI
स्वामी माधवदास जी कृत श्री दादूदयालु जी महाराज का प्राकट्य लीला चरित्र ~
संपादक-प्रकाशक : गुरुवर्य महन्त महामण्डलेश्वर संत स्वामी क्षमाराम जी ~
.
(“पंचमोल्लास” ६१/६३)
*पदमसिंघ राज्य में दादू जी*
*चारि जांम अति सही जू त्रासू,*
*पीछे पुकार सुनी हरिदासू ।*
*मेटें तुम्हारे सकल कलेसू,*
*पदमसिंघ को देहि उपदेसू ॥६१॥*
केदार देश में चार पहर तक जनता ने भूख प्यास की पीडा सहन की, १२ घंटा उसके पश्चात् हरि के दास दादूजी ने उनकी पुकार सुनी । ज्ञान व माणकदास कहते हैं कि दादूजी तुम्हीरी सारी पीड़ा व क्लेश दूर कर देंगे, और राव पदमसिंघ को ब्रह्म का उपदेश देंगे ॥६१॥
.
*श्री दादूजी केदार देश पधारे*
*प्रात: समैं तब आज्ञा आऊ,*
*सुनो राव सब भोजन पाऊ ।*
*स्वामी दादू कीयौ गवनूं,*
*देस किदार के आयो भवनू ॥६२॥*
प्रात:काल संतों की तरफ से आज्ञा हुई कि हे राव अब राजा प्रजा सभी जल अन्न, भोजन ग्रहण कर लो क्योंकि दादूजी ने आमेर से गमन कर दिया है और केदार देश के भवनों में आ गये हैं ॥६२॥
.
*संतौं वचन नृप सौं भाख्यो,*
*खुसी भयो राव अभिलाख्यो ।*
*सब काहू को दई खुलासी,*
*भया उछाह अति, गई उदासी ॥६३॥*
संतों के ये वचन लोगों ने राजा से कहे, तब राव अत्यन्त प्रसन्न हुआ और मन में हर्षित हुआ । सब जनता को इच्छानुसार ईनाम दिया, बड़ा उत्सव हुआ प्रसन्नता हुई और उदासी समाप्त हो गई ॥६३॥
(क्रमशः)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें