रविवार, 27 दिसंबर 2020

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
*दादू चन्दन कद कह्या, अपना प्रेम प्रकाश ।*
*दह दिशि प्रगट ह्वै रह्या, शीतल गंध सुवास ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ साधु का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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श्री दृष्टान्त सुधा - सिन्धु ---------सरलता
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दादूपंथी मण्डलेश्वर संत युक्तरामजी दबूलधनिया में कथा करने, गाने, बजाने, रसोई करने आदि कई गुण होने पर भी सरलता की मात्रा अधिक देखी जाती है । वे बालक में बालक जैसेे, बुढे में बुढे जैसे इत्यादि जैसे मनुष्यों मे मिले वैसे ही बन जाते हैं । अपनी योग्यता तथा पद का अभिमान उनमें दिखाई नहीं पड़ता ।
बहुगुण हो तो भी नहीं, संत सरलता जाय ।
युक्तराम मँडलेश की, लखकर हिय हर्शाय ॥१६६॥

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