🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
*प्रेम प्रीति सनेह बिन, सब झूठे श्रृंगार ।*
*दादू आतम रत नहीं, क्यों मानैं भरतार ॥*
==================
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
.
श्री दृष्टान्त सुधा - सिन्धु --- *॥ ५ अर्चना भक्ति ॥*
##################
*॥ प्रेम रहित पूजा से हरी प्रसन्न नहीं होते ॥*
बिना प्रेम पूजा किये, प्रसन्न हों हरि नाँही ।
वैष्णव को स्वप्न दिया, भेज सदन घर माँहि ॥१४२॥
दृष्टांत कथा – सदनजी कसाई के पास एक शालग्रामजी की मूर्ति थो । वे उससे मांस तोला करते थे । एक वैष्णव ने यह अनुचित समझ कर मूर्ति सदन से ले ली और घर जाकर विधि से पूजा करी किन्तु रात्री में स्वप्ने में भगवान् ने उसे कहा – 'मुझे शीघ्र सदना के घर पहुंचादे ।' वैष्णव डर गया और दूसरे दिन पुन: सदना को दे आया । इससे सूचित होता है कि बिना प्रेम की पूजा से भगवान् भी प्रसन्न नहीं होते ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें