🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
*दादू परचा माँगें लोग सब,*
*कहैं हमकौं कुछ दिखलाइ ।*
*समरथ मेरा सांइयाँ, ज्यों समझैं त्यों समझाइ ॥*
==================
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###.
श्री दृष्टान्त सुधा - सिन्धु --- *॥७ दास्य भक्ति॥*
#############
*॥ दास भक्त की भावना पूर्ण हो ॥*
दास भक्त की भावना, सहज पूर्ण हो जाय ।
दो तन प्रयागदास के, हुये किये कृत जाय ॥१७४॥
दृष्टांत कथा – अग्रदासजी के शिष्य प्रयागदासजी को दो ग्रामों से निमन्त्रण आया था । एक में मन्दिर पर कलश और दूसरे में ध्वजा चढ़ाने का उत्सव एक ही दिन में एक ही समय पर था । प्रयागदासजी दोनों में ही जाना चाहते थे । उनकी भावना पूर्ण करने के लिये भगवान् ने उनके दो देह बना दिये । दोनों ही स्थानों में उन्होंने अपने अपने हाथों कलश और ध्वजा चढ़ाई । इससे सूचित होता है कि दास भक्त की भावना भगवान् पूर्ण करते हैं ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें