बुधवार, 3 नवंबर 2021

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🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
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*दादू मनसा वाचा कर्मणा, साहिब का विश्‍वास ।*
*सेवक सिरजनहार का, करे कौन की आस ?*
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साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
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श्री दृष्टान्त सुधा - सिन्धु --- *॥ महाप्रसाद ॥*
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*॥ महाप्रसाद के नाम से विष भी अमृत ॥*
प्रभु प्रसाद के नाम से, विष अमृत हो जाय ।
पी गई मीरां प्रेम से, मान अधिक सुखदाय ॥१६५॥
दृष्टांत कथा – राणा का भेजा हुआ विष का प्याला ले जाकर दयाराम पाण्डे ने कहा – 'लो भगवान् का चरणामृत प्रसाद ।' प्रसाद का नाम सुनते ही मीरांजी उसे परम सुख दाता जान कर सह हर्ष पीगई और उन्हें अमृत से भी अधिक सुख दाता हुआ । इससे सूचित होता है कि प्रसाद के नाम से खाया विष भी मारक नहीं होकर तारक ही होता है ।

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