मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023

*भक्त मिले उठ कृष्ण मिलावत*

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🙏🇮🇳 *卐सत्यराम सा卐* 🇮🇳🙏
🌷🙏🇮🇳 *#भक्तमाल* 🇮🇳🙏🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
*भाग हमारा हे सखी, सुख सागर पाया ।*
*दादू को दर्शन भया, मिले त्रिभुवन राया ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ पद्यांश. १९८)*
===========
*सौजन्य ~ #भक्तमाल*, *रचनाकार ~ स्वामी राघवदास जी,*
*टीका ~ संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान*
*साभार ~ श्री दादू दयालु महासभा*, *साभार विद्युत संस्करण ~ रमा लाठ*
*मार्गदर्शक ~ @Mahamandleshwar Purushotam Swami*
.
*देखन को चलि जात बरात हि,*
*मान मर्यो द्विज से कहि राखो ।*
*पाँय परै सु कृपा करि हैं जब,*
*जाय परे हम चूकहि नाखो॥*
*भक्त मिले उठ कृष्ण मिलावत,*
*सौंपि सुता इन बीनति भाखो।*
*भेज दिई लछमी उतहू हरि,*
*आत भये परणाय रु पाखो१ ॥३१०॥*
॥ श्रीविष्णु स्वामी संप्रदाय का विवरण सम्पन्न ॥
.
कन्या का पिता ब्राह्मण के वचन सुनकर आश्चर्य युक्त स्वयं बरात को देखने गया। देखकर अपने धनाढ्यपने का अभिमान छोड़ के नम्रतापूर्वक जो सगाई करने गया था उस ब्राह्मण के चरणों में प्रणाम करके बोला- जब आप नरसीजी के पास जाकर उनके चरणों में प्रणाम करते हुए प्रार्थना करेंगे, तब वे अवश्य कृपा करेंगे।
.
बेटी के पिता आदि नरसीजी के पास जा, चरणों में प्रणाम करके बोले- 'आप हम लोगों की भूल को विसार कर हम पर कृपा करें।"
.
नरसीजी उठकर समधी के अंक भर कर मिले और श्रीकृष्णजी से मिलाया। भगवान् ने कहा-आप तो कन्यादान करके इन नरसीजी से विनय करो। सब कुछ ठीक हो जायगा।
.
फिर भगवान् ने समधी के घर लक्ष्मीजी को भेज दिया। तत्पश्चात् तो सभी सामग्री समधी के यहाँ अटूट हो गई। बड़े आनन्द के साथ विवाह संपन्न हुआ। फिर नरसीजी को घर पहुँचा कर ऐश्वर्य के सहित भगवान् अन्तर्धान१ हो गये॥
(क्रमशः)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें