बुधवार, 11 फ़रवरी 2026

नाममहिमा ॥

🌷🙏 🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
*बखनां~वाणी, संपादक : वैद्य भजनदास स्वामी*
*टीकाकार~ब्रजेन्द्र कुमार सिंहल*
*साभार विद्युत संस्करण~Tapasvi @Ram Gopal Das*
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*साहिब जी के नांव में, सब कुछ भरे भंडार ।*
*नूर तेज अनन्त है, दादू सिरजनहार ॥*
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नाममहिमा ॥
भाई भूख मुवाँ गति नाहीं ।
ताथैं समझि देखि मन माहीं ॥टेक॥
आगै साध सबै ही हूवा, भूखाँ कोई न मूवा ।
जिनि पाया तिन सहजैं पाया, राम रूप सब हूवा ॥
धू प्रहलाद कबीर नामदे, पाखँड कोइ न राख्या ।
बैठि इकंत नाऊँ निज लिया, बेद भागौत यौं भाख्या ॥
देव देहुरा सहबी माया, याँह मैं राम न पाया ।
भरमि भरमि सबही जग मूवा, यौंही जनम गँवाया ॥
जा जन कौं गुर पूरा मिलिया, अलख अभेव बताया ।
गुर दादू तैं बषनां तिरिया, बहुड़ि न संकुटि आया ॥४७॥
अशास्त्रविहितः घोरं तप्यंते ये तपो जनाः ।
दम्भाहंकारसंयुक्ताः कामराग बलान्विताः ॥५॥
कर्शयन्तः शरीरस्थं भूतग्राममचेतसः ।
मां चैवान्तः शरीरस्थं तान्विद्ध्यासुरनिश्चयान् ॥गीता १७॥”
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बषनांजी उन लोगों को सावधान करते हुए कहते हैं, जो शरीर को नाना क्लेश देकर तपस्यादि करते हैं । वे कहते हैं, भाई ! भूखे मरने से मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती । अतः इस तथ्य को अच्छी तरह जानकर हृदय में भली भाँति स्थापित कर लो ।
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आज से पूर्व जितने भी साधक संत हुए हैं, वे भगवत्प्राप्त्यर्थ कोई भी भूखे नहीं मरे थे । वस्तुतः जिन्हें भी भगवत्प्राप्ति हुई है उन सभी को रामजी की प्राप्ति राम-नाम का सहज में स्मरण करने से ही हुई हैं और वे सभी रामरूप हो गये हैं, उनका रामजी से तादात्म्य हो गया है ।
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ध्रुव, प्रह्लाद, कबीर, नामदेव आदि किसी ने भी उक्त किसी भी पराक्र के पाखंड = झूठे साधनों का आश्रय नहीं लिया था । उन्होंने तो एकान्त = विषयभोगों से अनासक्त होकर अनन्यभावेन निजनाम राम का ही स्मरण किया था इसकी साक्षी वेद, भागवत तथा भक्तमालादि ग्रंथों में मिलती है । देव और देवों की पूजास्थली सभी माया = भ्रम = असत्य हैं । उनमें रामजी की प्राप्ति नहीं होती ।
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जगत् के अज्ञानी जीव इन मायामय मंदिरवासी देवताओं की सेवा-पूजा रूप भ्रमों में ही भ्रमित हुए देवदुर्लभ मनुष्यजन्म को व्यर्थ ही बर्बाद करके मर जाते हैं । जीव भक्तों को अलेख-अभेव पूर्णब्रह्म परमात्मा को बताने वाले गुरु दादू जैसे सद्गुरु मिल जाते हैं वे इस संसार से तिर जाते हैं, वे पुनः जन्म-मरण के चक्र में नहीं पड़ते ॥४७॥
(क्रमशः)

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