शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

श्रीमद्दादूपीठाधीश्वर(२०)

*#daduji*
*॥ श्री दादूदयालवे नम: ॥*
*॥ दादूराम~सत्यराम ॥*
*साभार सौजन्य ~ “श्रीमद्‌ दादू पंथ प्रकाश”*
*श्रीमद्दादूपीठाधीश्वर(२०) श्री गोपालदासजी महाराज का संक्षिप्त जीवन दर्शन~*
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*ब्रह्मधाम-यशः श्रीमान्, संत-सम्राट् जगद्गुरुः ।*
*निस्मीमो निर्गुणः पंथी, गोपालाचार्य संस्तुतिः ॥*
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राजस्थान के सीकर जिलान्तर्गत कंवरपूरा ग्राम के जाट परिवार(बिजारणिया गौत्र) में पिता श्री सुखदेवारामजी तथा माता श्रीमती महादेवी के पुत्र के रूप में श्री गोपालदासजी का जन्म *वैशाख कृ. १, २०२० वि.सं, गुरुवार* (दिनांक 9 मई 1963) को हुआ । इस परिवार में कई पीढियों से एक पुत्र श्री दादू द्वारा बीदासर(झुंझुनूं) में देने की परम्परा है ।
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इसी क्रम में श्री गोपालदासजी को इस दादूद्वारे में दिया गया । वहीं पधारे श्रीदादू धाम नरायना के पीठाधीपति ‘आचार्य श्री हरिरामजी महाराज’ । आचार्य श्री हरिरामजी महाराज को श्री गोपालदासजी नरायना पीठ के लिये योग्य लगे । और वो उन्हें अपने साथ लेकर आ गये । और सन् 1969 को अपना विधिवत शिष्य बना लिया ।
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श्री दादूद्वारा नरायना के ‘भण्डारी सन्मान दासजी’ ने इनका विद्याध्ययन तथा पंथीय संस्कारों हेतु उनका प्रवेश श्री दादू आचार्य संस्कृत महाविद्यालय में करवा दिया । अपन आपने यहाँ विद्यार्जन कर श्रेष्ठ स्नातकों में अपनी गरीमामयी उपस्थि करवायी । आप ने वेदान्त, संस्कृत साहित्य के अतिरिक्त हिन्दी साहित्य व सन्त वाणियों के मर्मज्ञ गुरुओं व मनीषियों से ज्ञानार्जन किया । तथा समस्त शास्त्रों के प्रकाश को अपने में संधारित किया ।
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आपने देश के मूर्धन्य प्रकाण्ड विद्वज्जनों के चरणों में बैठकर ज्ञानार्जन किया जिसमें प्रमुख है आचार्य सुरजनदासजी दास जी, आचार्य मंगलदास जी, आचार्य बलरामजी स्वामी, श्री गोपालाचार्य जी, पं. श्री दयारामजी, श्री बालानन्दजी महाराज इत्यादि शिक्षा गुरुओं के चरणों में बैठकर आपने श्रीमद दादूवाणी से लेकर विविध सन्त साहित्य, श्रीमद् भागवत कथा गीता, उपनिषद् का तात्विक अध्ययन किया ।
(क्रमशः)

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