शनिवार, 8 जून 2019

= सुन्दर पदावली(२३. राग मल्हार - २) =

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॥ श्री दादूदयालवे नमः ॥ 
स्वामी सुन्दरदासजी महाराज कृत - *सुन्दर पदावली* 
साभार ~ महंत बजरंगदास शास्त्री जी, 
पूर्व प्राचार्य ~ श्री दादू आचार्य संस्कृत महाविद्यालय(जयपुर) व राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय(चिराणा, झुंझुनूं, राजस्थान) 
*देषौ भाई आज भलौ दिन लागत ।* 
*बरिषा रितु कौ आगम आयौ,*
*बैठि मलारहिं रागत ॥(टेक)* 
*राम नाम के बादल उनये,*
*घोरि घोरि रस पागत ।* 
*तन मन मांहिं भई शीतलता,*
*गये बिकार जुदागत ॥१॥* 
*जा कारनि हम फिरत बिवोगी,*
*निशि दिन उठि उठि जागत ।* 
*सुन्दरदास दयाल भये प्रभु,*
*सोई दियौ जोई मांगत ॥२॥* 
अरे भाई ! आज बहुत शुभ दिन प्रतीत हो रहा है । वर्षा ॠतु का आरम्भ हो रहा है । एक स्थान पर मल्हार राग गाने की इच्छा हो रही है ॥टेक॥ 
राम नाम के मेघ उमड़ आये हैं । वे सुख का रस घोल घोलकर वर्षा रहे हैं । जिससे हमारे तन मन में शीतलता छा गयी है । सभी प्रकार के दोष विनष्ट हो गये हैं ॥१॥ 
जिस कारण से हम वियोगी होकर घूम रहे थे । दिन रात जागते रहते थे । महात्मा सुन्दरदासजी कहते हैं – आज प्रभु की ऐसी कृपा हो गयी कि हमने जो माँगा था वही मिल गया है ॥२॥
(क्रमशः)

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